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Is Brinjal Good For Health : कà¥à¤¯à¤¾ होती है बैंगन की तासीर और कब न करें इसका सेवन |
Is Brinjal Good For Health : सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के खाने के कई फायदे-नà¥à¤•सान होते हैं. कई सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी होती हैं. लेकिन कई सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ काफी नà¥à¤•सान à¤à¥€ पहà¥à¤‚चाती हैं. यहां पर बैंगन के नà¥à¤•सान के बारे में चरà¥à¤šà¤¾ की जा रही है.
बैंगन कब नहीं खाना चाहिà¤
धारà¥à¤®à¤¿à¤• मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤•ादशी, दà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¶à¥€ और तेरस के दिन बैंगन खाना मना है.
इसकी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ से पेट दरà¥à¤¦, उलà¥à¤Ÿà¥€, सिरदरà¥à¤¦, खà¥à¤œà¤²à¥€ या जोड़ो में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है. इसी के साथ ये ततà¥à¤µ थाइराइड की परेशानी बढ़ा सकता है. इसके लिठबैंगन कम ही खाना चाहिà¤. इसी के साथ बैंगन में ओकà¥à¤œà¥‡à¤²à¥‡à¤Ÿ पाया जाता है, तो किडनी में पथरी की शिकायत वाले लोगों को इसे कम मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करना चाहिà¤.
कà¥à¤¯à¤¾ बैंगन सेहत के लिठखराब है?
बैंगन में सोलनिन नामक यौगिक होता है. बैंगन के अधिक सेवन से सोलनिन का संचय हो सकता है जिससे गठिया के लकà¥à¤·à¤£ जैसे सूजन, दरà¥à¤¦ और जोड़ों में अकड़न हो सकती है. इसलिठआमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि गठिया से पीड़ित लोगों को बैंगन का सेवन करने से बचना चाहिà¤.
बैंगन की सबà¥à¤œà¥€ खाने से कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
बैंगन में विटामिन, फेनोलिकà¥à¤¸ कारà¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं. इन खास ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मौजूदगी के कारण बैंगन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने के लिठà¤à¤• औषधि के रूप में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है.
बैंगन की तासीर कà¥à¤¯à¤¾ है?
मासिक धरà¥à¤® के समय बैगन का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नहीं करना चाहिà¤. दअरसल, इसकी तासीर गरà¥à¤® होती है, जिससे बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है.
कà¥à¤¯à¤¾ रोज बैंगन खाना ठीक है?
बैंगन में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं, जो शरीर में फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ से होने वाले नà¥à¤•सान से लड़ने में मदद करते हैं. à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट में उचà¥à¤š आहार कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों को रोक सकता है. यदि आप पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बैंगन खाते हैं, तो आप इन रोगों के विकास के जोखिम को कम कर देंगे.
बैंगन के बाद कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤?
दूध में फैट की मातà¥à¤°à¤¾ अचà¥à¤›à¥€à¤–ासी होती है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं है कि ये दिकà¥à¤•त आपको केवल बैंगन खाने के बाद दूध पीने से हो सकती है. à¤à¤¸à¤¾ किसी à¤à¥€ सबà¥à¤œà¥€ के सेवन के बाद हो सकती है. यानी हैवी खाने के बाद आपको दूध का सेवन नहीं करना चाहिà¤.
बैंगन में कौन सा विटामिन पाया जाता है?
बैंगन में विटामिन सी पाया जाता है, जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ से दूर रखने में तो कारगर है. साथ ही, ये रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ाने में à¤à¥€ काफी फायदेमंद है.
सावन के महीने में बैंगन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं खाना चाहिà¤?
धारà¥à¤®à¤¿à¤• मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बैंगन को अशà¥à¤¦à¥à¤§ सबà¥à¤œà¥€ के रूप में माना गया है. इसलिठसावन के पवितà¥à¤° माह में बैंगन नहीं खाना चाहिà¤. इसका दूसरा कारण यह à¤à¥€ है कि इस समय खूब वरà¥à¤·à¤¾ होती है, जिसके कारण बैंगन में कीड़े जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगते हैं. इसलिठà¤à¥€ सावन में बैंगन खाने के लिठमना किया जाता है.
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बैंगन खा सकते हैं?
बैंगन खाने से à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास अचà¥à¤›à¥€ तरह से होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें विटामिन à¤, ई à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है. साथ ही बैंगन में फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण में लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के विकास को बूसà¥à¤Ÿ करता है. इसमें विटामिन सी होता है, जो शरीर की इमà¥à¤¯à¥‚निटी को मजबूत बनाता है. यह गरà¥à¤à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शरीर को कई रोगों से बचाठरखता है.
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